इस बार भी चौंकाती है कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह
तकरीबन
चार साल पहले सुजॉय घोष विद्या
बालन के साथ कहानी लेकर आए थे.
अलग
तरह के सस्पेंस में बूनी उस
फिल्म ने तब दर्शकों क ा ध्यान
बरबस खींचा था.
इस
बार सूजॉय ने बिलकुल अलग किस्म
की कहानी का चयन किया.
पिछली
कहानी का एक्सटेंशन मानकर
फिल्म देखने वाले दर्शकों के
लिए साफ कर दूं कि इस कहानी का
पिछली फिल्म से कोई ताल्लुक
नहीं है.
निर्देशक,
क
ास्ट और नाम के अलावा बाकी
सारी चीजें यहां जुदा हैं.
बेशक
फिल्म का सस्पेंस सेकेंड हाफ
के बाद कमजोर पड़ता है पर दो
किरदारों में विद्या का अलहदा
अभिनय,
सूजॉय
का कसा निर्देशन और तपन बासू
की कमाल की सिनेमेटोग्राफी
पूरी फिल्म को रोचक बना देती
है.
कहानी
विद्या सिन्हा और दूर्गा रानी
सिंह (विद्या
बालन)
की
है.
विद्या
की बेटी मिनी लकवाग्रस्त है.
उसका
एक ही सपना है कि एक दिन मिनी
अपने पैरों पर खड़ी हो सके.
अचानक
एक दिन मिनी की किडनैपिंग हो
जाती है और उसकी तलाश करती
विद्या का एक्सीडेंट हो जाता
है.
केस
की तहकीकात करता इंद्रजीत(अजरून
रामपाल)
सुराग
की तलाश में विद्या की हमशक्ल
कुख्यात दूर्गा रानी सिंह तक
जा पहुंचता है.
जो
किडनैपिंग और मर्डर की वांटेड
है.
इस
कोशिश में दूर्गा और विद्या
की गुत्थी सुलझाते इंद्रजीत
के सामने कई राज परत दर परत
खूलते जाते हैं.
सूजॉय
ने सस्पेंस के साथ-साथ
फिल्म के जरीये एक गंभीर मुद्दे
से भी दर्शकों को कुरेदा है.
घर
की चाहरदीवारी के अंदर चाइल्ड
हैरशमेंट जैसे मुद्दे को
उन्होंने जिस संवेदनशीलता
के साथ कहानी में मिश्रित किया
है,
निश्चित
ही सराहनीय है.
फिल्म
की सशक्तता और रोचकता की सबसे
मुख्य वजह विद्या बालन हैं.
आम
मसाला वाली जिन फिल्मों में
विद्या गाहे-बगाहे
पटरी से उतर जाती हैं,
वहीं
लीक से हटकर किरदार आधारित
फिल्मों में उनकी भूमिका चरम
पर होती है.
दूर्गा
और विद्या के दो अलग-अलग
परिवेश आधारित किरदार में
उनकी विश्वसनीयता ही उनकी
सक्षमता की परिचायक है.
इंद्रजीत
की भुमिका में अजरून किरदार
के जरूरत को बखूबी निभा जाते
हैं.
क
ालीम्पोंग और क ोलकाता की
गलियों और लोकेशंस को खूबसूरती
से फिल्माता सिनेमेटोग्राफी
भी बांधे रखता है.
सस्पेंस
फिल्मों की जरूरत के लिहाज
से बैकग्राउंड स्कोर और म्यूजिक
का भी अच्छा साथ मिला.
क्यों
देखें-
सुजॉय
की सस्पेंस विधा पसंद हो तो
फिल्म और विद्या बिलकुल भी
निराश नहीं करेगी.
क्यों
न देखें-
पिछली
कहानी से तुलना व्यर्थ होगी.

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